International Journal of Advanced Education and Research

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International Journal of Advanced Education and Research
Vol. 4, Issue 2 (2019)

चित्रकूट धाम : धार्मिक आस्था एवं पर्यटन का भौगोलिक अध्ययन


डाॅ0 जितेन्द्र सिंह

चित्रकूट अंचल में विविध प्राकृतिक भू-दृश्यों की बनावट एवं संरचना अति आकर्षक है। यहाँ के पर्वत, पठार, मैदान, घाटियाँ, कगार भू-दृश्य, सुरम्य प्रपात, झील, नदियाँ, जलाशय एवं वन्य जीव यहाँ के सौन्दर्य को और अधिक निखार रहे हैं। इन आकर्षणों के कारण ही आज चित्रकूट न केवल भारत वर्ष के पर्यटकों को बल्कि विश्व के पर्यटकों को भी अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। चित्रकूट धाम में स्थित व धार्मिक स्थान निम्नवत है - कामदगिरि, भरत मंदिर, अक्षय बट, हनुमान धारा, सीता रसोई, यज्ञवेदी, राघव प्रयाग, प्रमोद वन, जानकी कुण्ड, वेदान्ती आश्रम, स्फटिक शिला, सती अनुसुइया आश्रम, भरतकूप, गुप्त गोदावरी आदि है। प्राकृतिक सुषमा एवं सौभ्यता की साकार मूर्ति विन्ध्यांचल पर्वत के सुरम्य अंकस्थल में स्थित चित्रकूट, भारत का एक सुप्रसिद्ध तीर्थ स्थान है। राजस्व अभिलेखों में चित्रकूट नाम का कोई ग्राम नही है, उत्तर प्रदेश के कुछ ग्राम तथा मध्य प्रदेश के कुछ ग्रामों को मिलाकर जो प्रमुख धार्मिक एवं भौगोलिक महत्व का क्षेत्र बनता है उसे चित्रकूट के नाम से जाना जाता है। यह स्थल अनादिकाल से हिन्दुओं का धार्मिक स्थल रहा है। प्राचीन काल से ही यह भारतीय संस्कृति तथा धर्म की अटूट श्रंृखला से जुड़ा है।
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