International Journal of Advanced Education and Research
International Journal of Advanced Education and Research
Vol. 5, Issue 2 (2020)
कथा-साहित्य सृजन और अभिव्यक्ति के नवीन आयामों के खोज और प्रयोगों के साथ ही भारतीय समाज और जनजीवन की आशा-आकाँक्षा, सुख-दुख, समता-विषमता, सहजता-जटिलता और भय तथा प्रेम आदि का यथार्थ चित्रण प्रस्तुत करता है। जब व्यक्ति कुछ विचार या विमर्श करता है, तो उसके मन और मस्तिष्क में बहुत सारे भाव उत्पन्न होने लगते हैं। उन भावों को रूप देने के लिए वह कभी वाणी, कभी लेखन का प्रयोग करता है। साहित्य लेखन में भावों और विचारों की अभिव्यक्ति के लिए कथा-साहित्य से बेहतर कुछ नहीं सूझता। आज आधुनिक समय में उपन्यास और कहानी ही ऐसी विधा है, जिसमें कोई भी लेखक अपने भावों एवं विचारों को पूरी आत्मीयता एवं स्वतंत्रता के साथ अभिव्यक्त कर सकता है।
Pages : 34-36 | 311 Views | 123 Downloads
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