International Journal of Advanced Education and Research

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International Journal of Advanced Education and Research
Vol. 5, Issue 5 (2020)

राष्ट्रीय शिक्षा नीतिः अतीत से वर्तमान की ओर


मीना, कल्पना पारीक

भारत एक लोकतान्त्रिक देश है अतः लोकतन्त्र की नीतियों के आधार पर ही हमारे देश में शिक्षा-नीति का निर्धारण होता है। शासन नीति के अतिरिक्त कतिपय अन्य निर्धारकों पर भी ‘राष्ट्रीय शिक्षा नीति’ का निर्माण निर्भर करता है। यथा- देश का राजनीतिक दर्शन, देश की सामाजिक-आर्थिक परिस्थितियाँ, देश की सांस्कृतिक परम्पराएँ एवं भौगोलिक स्थिति आदि। इन समस्त तत्वों के आधार पर भारत में समय-समय पर ‘राष्ट्रीय शिक्षा नीति’ का निर्धारण किया गया है। स्वतंत्र भारत में सर्वप्रथम 1968 में तथा उसके उपरान्त 1986 में ‘राष्ट्रीय शिक्षा नीति’ का निर्धारण किया गया। सन् 1992 में आचार्य राममूर्ति की अध्यक्षता में ‘संशोधित राष्ट्रीय शिक्षा नीति’ तैयार की गई। 29 जुलाई 2020 को 21वीं सदी की पहली शिक्षा नीति ‘नई शिक्षा नीति 2020’ को कैबिनेट की मंजुरी मिल गई है। इसका उद्देश्य 21वीं सदी की जरूरतों के अनुकूल विद्यालयी और महाविद्यालयी शिक्षा को अधिक समग्र एवं लचीला बनाते हुए भारत को एक ज्ञान आधारित जीवंत समाज और ज्ञान की वैश्विक महाशक्ति में बदलना और प्रत्येक छात्र में निहित अद्वितीय क्षमताओं को सामने लाना है। निःसंदेह, यह नई नीति देश में विद्यालयी और उच्च शिक्षा में परिवर्तनकारी सुधारों का मार्ग प्रशस्त करेगी।
Pages : 83-87