International Journal of Advanced Education and Research

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International Journal of Advanced Education and Research
Vol. 6, Issue 2 (2021)

स्नातक स्तर के छात्रों की शिक्षा की अभिवृत्ति का उनकी शैक्षिक उपलब्धि से सम्बन्ध का अध्ययन


Devendra Pratap Singh

शिक्षा की सकारात्मक अभिवृत्ति को विकसित किया जाना उनके व्यक्तित्व के लिए तो आवश्यक है ही, साथ ही भावी जीवन के निर्माण के लिये भी आवश्यक हैं। शिक्षा के प्रति अभिवृत्ति का विकास न कर सकने के कारण ही वें अपने उद्देश्यों को प्राप्त करने में विफल होते है। जो छात्र अपने अध्ययन में सफलता प्राप्त करते हैं, वे साधारणतः अकेले अध्ययन करते हैं या अध्ययन की किसी निश्चित विधि का अनुसरण करते है। ये छात्र सफल होने के कारण अपने उद्देश्य को प्राप्त करते हैं। यदि इस उद्देश्य का सम्बन्ध उनकी किसी विशिष्ट इच्छा से होता है, तो वह अपनी सम्पूर्ण शक्ति को शिक्षा में लगा देते हैं। अभिवृत्ति व्यवहार को एक निश्चित दिशा प्रदान करने के लिए उत्तरदायी हैं। अगर किसी की किसी वस्तु के प्रति सकारात्मक (च्वेपजपअम) अभिवृत्ति हैं तो वह उस वस्तु के प्रति आकर्षित होगा, उसे पाने के लिए प्रयत्न करेगा और अगर नकारात्मक (छमहंजपअम) अभिवृत्ति हुई तो वह उससे दूर भागेगा और यहाँ तक कि वह उसके नाम से ही चिढ़ने या उत्तेजित होने लेगा। उदाहरण के लिए जिस व्यक्ति की जनतंत्र के प्रति सकारात्मक अभिवृत्ति है वह जनतंत्रात्मक परम्पराओं और संस्थाओं के प्रति अनुकूल दृष्टिकोण रखेगा और तानाशाही प्रक्रियाओं के प्रति प्रतिकूल रवैया अपनायेगा। कहने का तात्पर्य यह है कि अभिवृत्तियों के द्वारा व्यवहार को एक निश्चित मोड़ दिया जाता है।
Pages : 51-56