Logo
International Journal of
Advanced Education and Research

Search

ARCHIVES
VOL. 1, ISSUE 6 (2016)
आंतकवाद: एक ऐतिहासिक अध्ययन
Authors
डाॅ0 शालिकराम मिश्र
Abstract
सम-सामायिक विश्व की सबसे गंभीर व प्रमुख चुनौतियों में प्रमुख रूप से आंतकवाद है। आंतकवाद एक ऐसा युद्ध है जिसकी कोई सीमाएं नही है। हिंसा, आंतक, बल तथा कुप्रचार के माध्यम से अपनी जायज व नाजायज मांगों को मनवाने के लिये अलगाववादी उन गतिविधियों का सहारा लेते है जो सरकार तथा जनमत पर दबाव का कार्य करती है। कोई भी राज्य प्रजातांत्रिक मूल्यों और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का आदर करता है, उसे इन युद्धों से सदैव हानि होती है। निःसंदेह यह गतिविधियां कानून की परिधि से बाहर होती हैं। आंतकवादी, राज्य के किसी नियम का पालन नही करते और राज्य के सामने यह मजबूरी होती है कि राज्य ऐसे किन्हीं तरीकों का प्रयोग नही कर सकता जो आंतकवादियों द्वारा उपयोग में लाये जाते हैं। आंतकवादी व्यापक रूप से जनता, प्रशासन व सरकार को भयाक्रांत कर आंतक उत्पन्न करते हैं और दबाव की कूटनीति तथा कई बार सुनियोजित रूप से किये गये षड़यंत्रों की पूर्ति की जाती है।1 आंतकवादियों की कार्य प्रणाली में अपराध बिना किसी सोच विचार के किये जाते हैं। जिनका उद्ेश्य मात्र आंतक उत्पन्न करना होता है।
आज के परिवेश में बहुत से लोग सामाजिक स्थिति से प्रभावित होते हैं जिनमें से ऐसे बहुत ही कम होते हैं जो हिंसा या आंतक का सहारा लेते हैं। परन्तु कुछ व्यक्ति हिंसा का चयन करते हैं। इसका कारण कुछ भी हो परन्तु इतना सत्य है कि समाज के कुछ व्यक्तियों द्वारा हिंसा का चयन किया जाता है। समाज के विभिन्न वर्गो के अध्ययन के आधार पर प्रत्येक सामाजिक व्यक्तियों की विचारधाराओं में जो भिन्नतांए होती हंै उनके विचारण (विचार) के तरीकों पर निर्भर होता है जिसकी पृष्ठभूमि में उनकी सामाजिक परिस्थितियों का आधार होता है, जो उस व्यक्ति के विचार को निर्धारित करती है। जो उसकी सामाजिक विचारधारा, राजनैतिक, शिक्षा, धार्मिक पृष्ठभूमि और अन्य ऐसी ऐतिहासिक घटनाओं पर आधारित होती है, जिसके परिणाम स्वरूप व्यक्ति के मन में जो विचार धारा उत्पन्न होती है उसी से व्यक्ति की विभिन्न प्रकार की मानसिक स्थिति व सोच तैयार होती है जिससे मनुष्य का व्यवहार निर्धारित होता है।

Download
Pages:48-52
How to cite this article:
डाॅ0 शालिकराम मिश्र "आंतकवाद: एक ऐतिहासिक अध्ययन". International Journal of Advanced Education and Research, Vol 1, Issue 6, 2016, Pages 48-52
Download Author Certificate

Please enter the email address corresponding to this article submission to download your certificate.