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VOL. 3, ISSUE 5 (2018)
रीवा नगर निगम कार्यालय में कामकाजी महिलाओं के परिस्थितियों का अध्ययन
Authors
नागेन्द्र कुमार वर्मा, डाॅ0 गायत्री मिश्रा
Abstract
अध्ययन क्षेत्र में कार्यशील महिलाओं की आर्थिक दशाओं में कमी का मूल्यांकन पारिवारिक संरचना के अध्ययन से ही संभव है, परिवार मे कार्यशील महिला की भूमिका माँ एवं पत्नी के रूप में अत्यन्त महत्वपूर्ण होती है। पुरूष एवं महिला को प्राप्त आर्थिक एवं नैतिक अधिकार व्यवहारिक स्वरूप परिवार के व्यवस्थापात्मक क्रियाकलापों में प्रगट होती है। कार्यशील महिलाओं को पारिवारिक संरचना में लैंगिक असमानता के व्यावहारिक स्वरूप से अन्तःक्रिया करनी पड़ती है, घर-परिवार में आधारभूत आवश्यकताओं जैसे-भोजन, वस्त्र, आवास, स्वास्थ्य सुविधाओं, शिक्षा, समाज की देख रेख में पुरूषों की अपेक्षा महिलाओं को अपेक्षाकृत कम अवसर सुलभ हो पाता है। संसाधन संग्रह, पुनर्वितरण में असमानता, बच्चों के लिए पौष्टिक आहार, खाने पीने की सामग्री आदि की जिम्मेदारी निर्धन पारिवारिक दशाओं अथवा आर्थिक दृष्टि से कमजोर पारिवारिक दशाओं में पिता की अपेक्षाकृत माता की आय पर बच्चों की निर्भरतायें ऐसे कुछ परिस्थितियां है जो परिवार के अन्दर ही मूल्यांकित किए जाते हैं।
आजादी के बाद महिला शिक्षा के मामले में गुणात्मक सुधार हुए किन्तु इसे किसी भी दृष्टिकोण से संतोषजनक नहीं कहा जा सकता है, वस्तुतः अध्ययन क्षेत्र में कार्यशील महिला शिक्षा की प्रगति बहुत ही धीमी गति से हुई है। रीवा नगर में कई ऐसे सामाजिक, आर्थिक व सांस्कृतिक कारण है जिसके कारण महिलाएं शिक्षा प्रणाली में भाग नहीं ले पाती अध्ययन क्षेत्र में लड़के और लड़कियों के संदर्भ में प्रचलित सांस्कृतिक मामलों तथा घरेलू कार्यो व प्रजनन में महिलाओं की भूमिका के कारण भी महिला शिक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव पाया गया है।
अध्ययन क्षेत्र में कामकाजी महिलाओं में बालविवाह एवं कुप्रथा की समस्या का प्रमुख कारण श्रमिकों में अशिक्षा और अज्ञानता की समस्या, निर्धनता की समस्या से भी अधिक खतरनाक है क्योंकि निर्धन व्यक्ति यदि शिक्षित एवं ज्ञानयुक्त होता है तो वह अपने अधिकारों, कर्तव्यों एवं कल्याण के प्रति सजग एवं जागरूक होता है। वह अपना हित अनहित स्वयं जानता है और तदनुरूप कार्य एवं व्यवहार करता है किंतु यह अत्यन्त चिंताजनक एवं शर्मनाक बात है कि स्वतंत्रता प्राप्त हुए लगभग 70 वर्ष (सात दशक) व्यतीत हो जाने के बाद भी केन्द्र सरकार एवं राज्य सरकारों ने निर्धन एवं आर्थिक रूप से परेशान लोगों को सामान्य रूप से शिक्षित एवं जागरूक भी नहीं बना सकी। भले ही अदेश आर्थिक, राजनैतिक एवं कीर्तिमान स्थापित करने के मामले में अग्रसर हो रहा हो किंतु जब तक विकास एवं समृद्धि में समाज के प्रत्येक वर्ग का व्यक्ति एवं देश का हर एक नागरिक समान रूप से भागीदार नहीं हो जाता तब तक किसी क्षेत्र के लिए सारे विकास कार्य एवं कीर्तिमान कोरी कल्पना के समान है।
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Pages:59-63
How to cite this article:
नागेन्द्र कुमार वर्मा, डाॅ0 गायत्री मिश्रा "रीवा नगर निगम कार्यालय में कामकाजी महिलाओं के परिस्थितियों का अध्ययन". International Journal of Advanced Education and Research, Vol 3, Issue 5, 2018, Pages 59-63
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