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VOL. 4, ISSUE 2 (2019)
मध्यकाल में खजुराहो अंचल में नगरीय बसाहट व चन्देल कालीन नगर व ग्राम का ऐतिहासिक अध्ययन
Authors
डाॅ0 नृपेन्द्र सिंह परिहार
Abstract
इस शोध पत्र में मध्यकाल में खजुराहो अंचल में नगरीय बसाहट व चन्देल कालीन नगर व ग्राम का ऐतिहासिक अध्ययन किया गया है। पांचवी सदी से 17वीं सदी तक के काल को मध्यकाल कहा जाता है। 405 ई. में फाहयान भारत आया था। खजुराहो नगर के प्रमाण हमें 740 ई. से 14वीं शदी तक मिलता है। चन्देल कालीन खजुराहो नगर चन्देल संस्कृति के विशाल मानसरोवर में खिले हुए कमल वन सा एक पवित्र आयाम दिखाई देता है। चन्देलों का मूल स्थान छतरपुर जिले में मनियागढ़ था किन्तु वारीगढ़, कालिंजर, अजयगढ़, मड़फा, मौद, गोर, ओंम, महियर को मिलाकर उनके कुल 8 गढ़ थे। जिसमें से सिलालेखों में केवल कालिंजर और खजुराहो का ही उल्लेख मिलता है। चन्देल कालीन शिलालेखों एवं ताम्रपत्रों से हमें खजुराहो के आस-पास कई चन्देल कालीन नगर एवं बस्तियों का उल्लेख मिलता है, जिनमें बड़ी संख्या में आद्यावधि मौजूद है।
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Pages:98-100
How to cite this article:
डाॅ0 नृपेन्द्र सिंह परिहार "मध्यकाल में खजुराहो अंचल में नगरीय बसाहट व चन्देल कालीन नगर व ग्राम का ऐतिहासिक अध्ययन". International Journal of Advanced Education and Research, Vol 4, Issue 2, 2019, Pages 98-100
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