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VOL. 6, ISSUE 1 (2021)
महात्मा गाॅधी, रविन्द्रनाथ टैगोर, एवं श्री अरविन्द, के शैक्षिक विचारों का वर्तमान परिपेक्ष्य में तुलनात्मक अध्ययन
Authors
गौरव कुमार मिश्रा, डा0 अनीता चैहान, शशिबाला
Abstract
वर्तमान समाज में अनेक विसंगतियां व्याप्त हैं। जिनके कारण हमारा सामाजिक, आर्थिक, बौद्धिक, अध्यात्मिक एवं चारित्रिक विकास नहीं हो पा रहा है। मूल्य एवं नैतिकता का हृास हो रहा है। शिक्षा की संख्यात्मक वृद्धि तो हुई है परन्तु गुणात्मक वृद्धि नहीं हो रही है। ऐसे समय में हमें ऐसी शिक्षा की आवश्यकता है जो हमारा सर्वांगीण विकास कर सके। इसी दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए महात्मा गाॅधी, रविन्द्रनाथ टैगोर एवं श्री अरविन्द के शैक्षिक विचारों का अध्ययन किया गया और अध्ययन के उपरान्त यह शोध पत्र तैयार किया गया है। अध्ययन में पाया गया है कि शिक्षा मनुष्य की पाशविक प्रवृत्तियों का अन्त करके व्यक्ति को समाजोपयोगी नागरिक बनाती है। हमारी शिक्षा व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए जो व्यक्ति का सर्वांगण विकास कर सके, क्योंकि शिक्षित व्यक्ति अपने व्यक्तित्व को सर्वोत्तम विकास करके समाज को भी सहयोग देता है और राष्ट्र की प्रगति का आधार भी बनता है। वर्तमान समय में शिक्षा एवं समाज में अनेक समस्याएं हैं जिनका समाधान गाॅधी, टैगोर, अरविन्द के विचारों को अपनाकर किया जा सकता हैं। शोधार्थी ने अनुभव किया कि इन तीनों विचारकों के विचारों के बिना शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषय पर विचार करना असम्भव है। शोधार्थी का ऐसा मानना है कि यदि इन तीनों विचारकों के विचारों को वर्तमान शिक्षा व्यवस्था में स्थान दिया जाता है तो निःसन्देह हमारे समाज में व्याप्त विसंगतियों को काफी हद तक दूर किया जा सकता है।
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Pages:33-36
How to cite this article:
गौरव कुमार मिश्रा, डा0 अनीता चैहान, शशिबाला "महात्मा गाॅधी, रविन्द्रनाथ टैगोर, एवं श्री अरविन्द, के शैक्षिक विचारों का वर्तमान परिपेक्ष्य में तुलनात्मक अध्ययन". International Journal of Advanced Education and Research, Vol 6, Issue 1, 2021, Pages 33-36
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