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VOL. 3, ISSUE 5 (2018)
स्वामी दयानन्द सरस्वती : आधुनिक भारतीय शैक्षिक व्यवस्था की समालोचना और आधुनिक भारतीय शिक्षा का स्वरूप
Authors
वर्षा गौतम, डाॅ0 डी0एस0 सिंह बघेल
Abstract
प्रस्तुत शोध स्वामी दयानन्द सरस्वती : आधुनिक भारतीय शैक्षिक व्यवस्था की समालोचना और आधुनिक भारतीय शिक्षा का स्वरूप पर आधारित है। शिक्षा किसी भी समाज में चलने वाली निरंतर एवं उद्देश्य पूर्वक प्रक्रिया है। इसके द्वारा ही मनुष्य की जन्मजात शक्तियों का विकास होता है। उसके ज्ञान में वृद्धि होती है तथा वह देश के लिए एक योग्य नागरिक बनता है। शिक्षा के द्वारा ही व्यक्ति के व्यवहार में सकारात्मक मोड़ लाया जा सकता है। व्यक्ति के दृष्टिकोण में व्यापक परिवर्तन लाया जा सकता है। शिक्षा के आभाव में व्यक्ति के विकास की कल्पना करना असंभव है क्योंकि शिक्षा ही हमें अपने और अपने राष्ट्र के कर्तव्यों के प्रति जागरूक कराती है। पाश्चात्य सभ्यता एवं संस्कृति की नकल करके आज हम नैतिकता और आदर्शों से दूर होते जा रहे हैं। वर्तमान शिक्षा प्रणाली प्राचीन शिक्षा पद्धति से बिल्कुल अलग है। आज के विद्यार्थी में असंतोष, अनुशासन हीनता, बेरोजगारी, कर्तव्यपलायनता की समस्या जटिल रूप लेती जा रही है। आज की शिक्षा प्रणाली में प्राचीन आदर्शों का समावेश करके इन सभी समस्याओं से छुटकारा पाया जा सकता है। प्राचीन या वैदिक शिक्षा के मूलभूत आदर्श श्रद्धा, भक्ति, सेवा, आदर, अनुशासन और ब्रम्हचर्य थे। इन सभी आदर्शों का अनुकरण कर हम वर्तमान शिक्षा या आधुनिक शिक्षा को प्रभावी बना सकते हैं।
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Pages:12-16
How to cite this article:
वर्षा गौतम, डाॅ0 डी0एस0 सिंह बघेल "स्वामी दयानन्द सरस्वती : आधुनिक भारतीय शैक्षिक व्यवस्था की समालोचना और आधुनिक भारतीय शिक्षा का स्वरूप". International Journal of Advanced Education and Research, Vol 3, Issue 5, 2018, Pages 12-16
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