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Advanced Education and Research

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VOL. 5, ISSUE 5 (2020)
महिलाओं के विरूद्ध लैंगिक हिंसा और कोविड-19 महामारी
Authors
प्रतिमा सिंह
Abstract
कोई महामारी हो या फिर अन्य कोई आपदा, सर्वाधिक शिकार महिलाएं व बच्चे ही होती हैं। विश्वव्यापी COVID .19 महामारी पर नियंत्रण पाने हेतु लागू लाॅकडाउन के चलते विश्व आबादी का एक बड़ा हिस्सा घरों में कैद रहा जिसके फलस्वरुप मानसिक तनाव, धनार्जन में कमी आदि के फलस्वरुप लैंगिक हिंसा के साथ साथ घरेलू हिंसा में बढ़ोŸारी देखी गयी है, जिसमें मारना-पीटना, यौनिक यातना आदि की घटनायें बढ़ी हैं। इस संदर्भ में संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटारेश ने कहा है कि मुश्किल की इस घड़ी में घर के अन्दर जूझ रही महिलाओं को सुरक्षित करना हमारा सबसे बड़ा धर्म है। आंकड़े बताते हैं कि इस महामारी के दौर में चण्डीगढ़ पुलिस ने 21 मार्च से 20 अप्रैल अर्थात् एक महीने के समय में घरेलू हिंसा से जुड़े 5695 केस दर्ज किये थे, जो कि भारतीय समाज में अलार्मिंग सिचुएशन है। कमोबेश यह स्थिति करेल, दिल्ली, पुणे आदि की भी है। वैश्विक स्तर की बात करें तो संयुक्त राष्ट्र के अनुसार COVID .19 महामारी के आरम्भ के बाद लेबनाॅन व मलेशिया में ‘हेल्पलाइन’ पर आने वाली फोन काॅल्स की संख्या दो गुनी हुई है जबकि चीन में यह आंकड़ा तीन गुना है। आॅस्ट्रलिया में 79 प्रतिशत, स्पेन में 20 प्रतिशत, फ्रांस में 36 प्रतिशत लैंगिक व घरेलू हिंसा के मामले बढ़े हैं। यह चिन्ता का विषय है। जब सड़के सूनी हों, दुकानें बन्द हों और अपनी सुरक्षा ज्यादा महत्वपूर्ण हो तो घरेलू हिंसा से कैसे बच सकते हैं क्या कर सकते हैं? आवश्यकता इस बात की है कि COVID .19 महामारी के विरुद्ध युद्ध के साथ-साथ घर के अन्दर व बाहर दोनों जगहों पर महिलाओं के विरुद्ध होने वाली हिंसा से एकजुट होकर लड़ना है।
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Pages:62-64
How to cite this article:
प्रतिमा सिंह "महिलाओं के विरूद्ध लैंगिक हिंसा और कोविड-19 महामारी". International Journal of Advanced Education and Research, Vol 5, Issue 5, 2020, Pages 62-64
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